नशा करता है सर्वनाश
नशा करता है सर्वनाश
दोस्तों हमारे शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग है..
🎐1.ह्रदय 2.फेफड़े 3.लिवर और 4.गुर्दे
★शराब सबसे पहले इन्ही अंगों को खराब करती है।
★इसलिए शराब का सेवन करने से गंभीर और घातक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
★इसलिए समझदार इंसान वही है जो इन चीज़ों से दूर रहे ।
अगर आध्यत्मिक दृस्टि से देखा जाए तो "जगतगुरु तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज जी" ने अपनी अमृतवाणी वाणी में बताते है कि "एक बार शराब पीने वाले व्यक्ति को सत्तर जन्मो तक कुत्ते के शरीर मे कष्ट भोगना पड़ता है"
"मदिरा पीवे (शराब) कड़वा पानी।
सत्तर जन्म स्वान के जानी।।"
दोस्तों हमारे शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग है..
🎐1.ह्रदय 2.फेफड़े 3.लिवर और 4.गुर्दे
★शराब सबसे पहले इन्ही अंगों को खराब करती है।
★इसलिए शराब का सेवन करने से गंभीर और घातक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
★इसलिए समझदार इंसान वही है जो इन चीज़ों से दूर रहे ।
अगर आध्यत्मिक दृस्टि से देखा जाए तो "जगतगुरु तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज जी" ने अपनी अमृतवाणी वाणी में बताते है कि "एक बार शराब पीने वाले व्यक्ति को सत्तर जन्मो तक कुत्ते के शरीर मे कष्ट भोगना पड़ता है"
"मदिरा पीवे (शराब) कड़वा पानी।
सत्तर जन्म स्वान के जानी।।"
अधिक जानकारी के लिए visit करिए हमारी website www.jagatgururampalji.org और पढ़िए आध्यत्मिक पुस्तक "ज्ञान गंगा" व "जीने की राह"

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